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UPCM ने आज जनपद हापुड़ में होने वाले गढ़ गंगा मेला 2025 के आयोजन की तैयारियों को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया

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उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने आज जनपद हापुड़ भ्रमण के दौरान गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाले वार्षिक कार्तिक पूर्णिमा मेला और अमरोहा के तिगरी मेला की तैयारियों की समीक्षा की तथा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मेला स्थल का हवाई सर्वेक्षण तथा गढ़ गंगा मेला स्थल का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री जी ने मेला क्षेत्र में गंगा पूजन कर गढ़ मेला क्षेत्र में स्थापित सदर बाजार का निरीक्षण किया उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर में बनाए जा रहे मोढ़े के स्टोर का भी अवलोकन किया और मोढ़े की गुणवत्ता की प्रशंसा की। इस वर्ष 30 अक्टूबर से 05 नवम्बर तक चलने वाले गढ़मुक्तेश्वर मेले को ‘मिनी कुम्भ’ के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई गई है मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक में कहा कि गढ़मुक्तेश्वर मेला का आयोजन उत्तर प्रदेश की आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का जीवन्त प्रतीक है। सरकार का लक्ष्य है कि यह मेला श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता के साथ सम्पन्न हो, ताकि हर आगंतुक इस पावन तीर्थ से शान्ति और आशीर्वाद लेकर लौटे

कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर हर वर्ष लगभग 40 से 45 लाख श्रद्धालु गंगा तट पर स्नान और दीपदान के लिए पहुंचते हैं, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और समन्वित हों ताकि किसी को असुविधा न हो। यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। गंगा घाटों पर NDRF और SDRF की तैनाती, सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी, रेस्क्यू बोट और हेल्पलाइन सेंटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़ा जाए तथा सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया जाए घाटों पर पर्याप्त चेकर्ड प्लेट लगाए जाएं, पाण्टून पुल की व्यवहार्यता का परीक्षण किया जाए तथा कटान क्षेत्रों में सिंचाई विभाग द्वारा ड्रेजिंग कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।

मेले के दौरान गहराई वाले जल क्षेत्रों में आवश्यक बैरिकेडिंग की जाए एवं NDRF और SDRF तथा फ्लड यूनिट लगातार सतर्क रहें। श्रद्धालुओं को अनुशासित व्यवहार हेतु प्रेरित करने के लिए काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जाएं। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इण्टीग्रेटेड कण्ट्रोल सेंटर के माध्यम से सतत निगरानी की जाए।

पार्किंग स्थलों पर वाहनों की सुरक्षा, प्रसारण व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। अस्थायी शौचालयों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था लागू की जाए। किसी भी प्रकार के लीकेज को रोका जाए।

घाटों पर भीड़ प्रबंधन, चेंजिंग रूम, स्वच्छ शौचालय, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और कचरा एवं बोतल संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्युत विभाग निर्बाध बिजली आपूर्ति करे और सभी स्थलों पर इलेक्ट्रिक सेफ्टी की व्यवस्था की जाए।

मेला में आकर्षक सजावट की जाए। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग्स लगाई जाएं। फायर सेफ्टी सिस्टम, अस्थायी अस्पताल, एंटी स्नेक वेनम और एण्टी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जल में स्नान के दौरान पुलिस और एनडीआरएफ की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में यातायात डायवर्जन योजना प्रभावी रूप से लागू की जाए, ताकि किसी प्रकार का जाम न लगे।

श्रद्धालुओं से कोई अतिरिक्त शुल्क न वसूला जाए। ड्यूटी पर तैनात स्वयंसेवकों के खान-पान की उचित व्यवस्था की जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि गढ़मुक्तेश्वर का यह ऐतिहासिक मेला न केवल आस्था का केन्द्र बने, बल्कि व्यवस्था, स्वच्छता और अनुशासन का आदर्श उदाहरण भी प्रस्तुत करे। पशुओं के चारे तथा पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।

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