लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार बड़े एक्शन मूड में दिख रही है सरकार पूरे प्रदेश में अवैध रूप से वक्फ घोषित की गई संपत्तियों को जप्त करेगी इस बारे में सभी जनपद के डीएम को अभियान चलाने का निर्देश दिया गया राजस्व विभाग के रिकार्ड के अनुसार उनके अभिलेख में सिर्फ 2963 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं बाकी संपत्तियों को अवैध रूप से वक्फ घोषित किया गया है सरकार का कहना है कि सरकारी और ग्राम समाज की जमीन वक्फ की संपत्ति नहीं हो सकती इसके बावजूद प्रदेश में कई संपत्तियों को मनमाने तरीके से वक्फ घोषित कर दिया गया है उत्तर प्रदेश में कई संपत्तियों को गलत तरीके से वक्फ की संपत्ति बताया गया है इनमें खलिहान तालाब और पोखर जैसी जमीन भी शामिल है पीलीभीत में एक तालाब की जमीन को वक्फ घोषित किए जाने का मामला हाई कोर्ट में चल रहा है इस को देखते हुए राजस्व विभाग पूरे प्रदेश में सर्वे करा रही है इस सर्वे में पता लगाया जाएगा की कितनी संपत्तियों को अवैध तरीके से वक्फ बताया गया है जिला अधिकारियों से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है उत्तर प्रदेश में जमीनों के नामांतरण की तय प्रक्रिया है ग्रामीण इलाकों में या प्रक्रिया स्पष्ट रूप से निर्धारित है शहरी इलाकों में Z A श्रेणी से अलग संपत्तियों को दर्ज नहीं किया जाता वक्फ बोर्ड के रजिस्टर -37 में सुन्नी वक्फ बोर्ड की 124355 और शिया वक्फ बोर्ड की 7785 संपत्ति दर्ज है लेकिन जिलाधिकारी द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार राजस्व अभिलेख में सिर्फ 2535 सुन्नी और 430 शिया संपत्तियों दर्ज हैं इसका मतलब बाकी संपत्तियों का कोई भी लेखा राजस्व विभाग में नहीं है सरकार का मानना है कि उन्हें संपत्तियों को राज्य सरकार वापस ले सकती है केवल दान की संपत्ति को वक्फ माना जा सकता है राजस्व विभाग में सभी जिला अधिकारियों को सर्वे करने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है उनसे यह जानकारी मांगी गई है उनके जिले में कितनी ऐसी संपत्तियों हैं जिन्हें नियमों के खिलाफ जाकर वक्फ घोषित किया गया है सरकार का कहना है कि ग्राम समाज और सरकारी जमीनों को वक्फ की संपत्ति नहीं घोषित किया जा सकता केवल दान दी गई संपत्ति को वक्फ माना जा सकता है





