गोंडा जिला में डीएम नेहा शर्मा ने इस बार एक अनोखी पहल की शुरुआत की है पर्यावरण संरक्षण की ओर बढ़ते हुए प्रशासन ने जिले के 16 विकास खण्डों के 51 स्थान पर गोबर के उपलों से होली जलाने की तैयारी की है पर्यावरण अनुकूल और परंपरागत रूप से समृद्ध बनाने के लिए डीएम ने एक महत्वपूर्ण पहल की है इस पहल के तहत होलिका दहन के लिए लकड़ी की जगह गोवंश आश्रय स्थलों में तैयार गोबर की उपलों का उपयोग किया जाएगा डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है की होली पर अधिक से अधिक गोबर से बने उत्पादों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए इससे लकड़ी की कटाई कम होगी प्रदूषण नियंत्रण रहेगा और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी गौशालाओं को मिलेगा आर्थिक मदद इस योजना के तहत जिले के गोवंश आश्रय स्थलों में स्वयं सहायता समूह की मदद से गोबर के उपले तैयार किए जाएंगे इससे गौशालाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वहां रह रहे असहाय गोवंश के भरण पोषण में सहायता मिलेगी लकड़ी की तुलना में 20% रहेगा सस्ता डीएम ने होलिका दहन समितियां को गोबर से बने उपले खरीदने के लिए प्रेरित किया है इन उत्पादों की बिक्री गौशालाओं स्वयं सहायता समूह बिक्री केंद्र कृषि केंद्र और खादी ग्राम उद्योग विभाग के आउटलेटस से की जाएगी शासन ने गोबर के उपले की कीमत ₹5 प्रति किलोग्राम निर्धारित की है जो लकड़ी की तुलना में 20% सस्ता होगा जिले भर में अभियान विभिन्न विभागों की सहभागिता होगी होली के अवसर पर इस योजना को सफल बनाने के लिए पशुपालन राजस्व पंचायती राज नगर विकास ग्रामीण विकास और गृह विभाग को जिम्मेदारी दी गई है जिला प्रशासन ने गोंडा के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में चिन्हित स्थलों पर गोबर से बनी सामग्री से होलिका दहन करने की योजना बनाई है परंपरागत रूप से होलिका दहन में बड़ी मात्रा में लकड़ी का उपयोग होता है जिससे पेड़ों की कटाई और वायु प्रदूषण बढ़ता है इस पहल से न केवल पेड़ों की अंधाधुंध कटाई रुकेगी बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी गोबर से बने उत्पाद पूरी तरह से प्राकृतिक और जैविक होते हैं जिससे प्रदूषण भी काम होगा डीएम नेहा शर्मा ने जिला वासियों से अपील की है कि वह अधिक से अधिक गोबर से बने उपलों का उपयोग करें इससे न केवल पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी बल्कि जिले की गौशालाओं को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी उन्होंने कहा हम सभी को मिलकर ये सुनिश्चित करना होगा कि हमारी परंपरा संरक्षित रहे और साथ ही प्राकृति का संतुलन भी बना रहे होली में गोबर से बने उत्पादों के उपयोग यह दोनों लक्ष्य पूरा हो सकता है गोंडा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में होगा प्रयोग मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शशी कुमार शर्मा ने बताया कि जनपद के सभी 16 ब्लॉकों में 51 स्थान पर गोबर के उपलों से होलिका दहन करने की व्यवस्था की गई है





