आयुक्त देवीपाटन मंडल ने न्या पीठ बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर उपनिदेशक महिला कल्याण को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जिससे विभाग में हड़कंप मच गया आयुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील ने महिला कल्याण उपनिदेशक नरेंद्र प्रताप सिंह को बिना अवकाश स्वीकृत मुख्यालय छोड़ने और झूठा आश्वासन देने के मामले में कारण बताओं नोटिस जारी किया है आयुक्त ने इस कृति को गंभीर सदाचार मानते हुए उपनिदेशक महिला कल्याण को 3 दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है दरअसल वन स्टाफ सेंटर में सुरक्षित एक पीड़ित बालिका के मामले में देरी और उपनिदेशक की गैर उपस्थिति का मुद्दा उठाया गया था आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि बिना अवकाश स्वीकृत ए के मुख्यालय छोड़ने कर्तव्य हीनता की श्रेणी में आता है न्याय पीठ से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में कहा गया कि किसी अधिकारी को किसी भी न्यायालय फॉर्म या आयोग रिपोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए बाद करना विधि के अनुरूप नहीं है वहीं दूसरी ओर 25 नवंबर को दूरभाष के माध्यम से ओपन निदेशक नरेंद्र प्रताप सिंह को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे उन्होंने आश्वासन तो दिया लेकिन देर रात तक ना तो वह पहुंचे और ना ही उनका फोन उपलब्ध था उन्होंने उसे दिन का कोई अवकाश स्वीकृत नहीं कराया था जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ा आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि उपनिदेशक 3 दिन के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करता है तो उनके विरुद्ध अनुशासन आत्मक कार्रवाई की जाएगीइस घटना को अधिकारियों के अनुशासन और कर्तव्य पालन को सुनिश्चित करने के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है आयुक्त ने सितंबर 2024 में भी मंडलीय अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय ना छोड़ने के निर्देश दिए थे उन्होंने इस कारण का हवाला देते हुए अधिकारियों को नियम का पालन करने की सख्त हिदायत दी है





