मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज जनपद सहारनपुर में ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ के द्वितीय चरण के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्कूल बैग, पाठ्य पुस्तकें एवं स्टेशनरी किट वितरित की गईं। साथ ही, उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रधानाध्यापकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सहारनपुर एयर कनेक्टिविटी के लिए भी तैयार हो रहा है।
अब सहारनपुरवासी देश के किसी भी कोने में जाने के लिए सीधे सहारनपुर से उड़ान भर सकेंगे। यह उड़ान नए सहारनपुर के विकास की आधारशिला बनेगी।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से वुड कार्विंग की कला सहारनपुर को वैश्विक पहचान दिला रही है। इससे जुड़े ₹600 करोड़ से अधिक मूल्य के उत्पाद यहां से निर्यात हो रहे हैं।
आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि सड़क और रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ अब सहारनपुर हवाई कनेक्टिविटी के लिए भी तैयार हो रहा है। सहारनपुर का अपना एयरपोर्ट होगा।
आज जनपद सहारनपुर में जिन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया है, वे विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बनेंगी।

समृद्ध सहारनपुर, सशक्त उत्तर प्रदेश!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज जनपद सहारनपुर में ₹613 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र, आवास की चाबी एवं टूल-किट वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज सहारनपुर मंडल के लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन कार्यों एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री जी ने विधानसभावार प्राप्त विकास प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सांसद एवं विधायकगण अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करें।

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि सभी कार्ययोजनाओं को 15 जुलाई, 2026 तक स्वीकृति प्रदान कर धनराशि अवमुक्त की जाए तथा आगामी 15 अगस्त तक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं की प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रत्येक कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण हो सके।
हमने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ चलाया। इसके तहत बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, मिड-डे मील, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी तथा बालकों और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

विगत 9 वर्षों में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 60 लाख से अधिक नए बच्चों का नामांकन हुआ है।
जो ड्रॉपआउट दर पहले 19–20 प्रतिशत थी, वह घटकर आज मात्र 3–4 प्रतिशत रह गई है।
गत वर्ष 13,000 से अधिक गंभीर एवं बहु-दिव्यांग बच्चों को ₹6,000 प्रति वर्ष की दर से एस्कॉर्ट अलाउंस उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही, 23,000 से अधिक दिव्यांग बालिकाओं को ₹2,000 प्रति वर्ष की दर से स्टाइपेंड भी प्रदान किया गया।
यह हमारी सरकार द्वारा दिव्यांग बच्चों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए प्रारंभ किया गया एक विशेष अभियान है।
प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया है।
—मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी




