मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान विरासत का प्रतिनिधि प्रदेश है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्यटन विकास को केवल आधारभूत संरचना निर्माण तक सीमित न रखते हुए उसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़कर आगे बढ़ाया जाए।
भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण से जुड़े ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की प्राचीन पांडुलिपियां हमारी सभ्यता, दर्शन, विज्ञान और सांस्कृतिक चेतना की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और डिजिटलीकरण केवल अभिलेखीकरण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है।
पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन का अग्रणी केंद्र बनाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने लखनऊ में नव लोकार्पित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ और निर्माणाधीन ‘INS गोमती शौर्य संग्रहालय’ की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और भारत की समुद्री विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रनायकों की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना राष्ट्रीय दायित्व है।
नैमिषारण्य के समग्र विकास की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की वैदिक ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक साधना और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत केंद्र है। उन्होंने निर्देश दिए कि नैमिषारण्य के विकास में धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के बीच संतुलन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्ययोजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए।
मीरजापुर-विंध्याचल क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माँ विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और इसकी विकास योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने चित्रकूट स्थित प्राचीन सोमनाथ मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी), एसडीआरएफ तथा उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास एवं भावी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जाए तथा सुरक्षा बलों की प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और तकनीक आधारित बनाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से पीएसी की महिला बटालियनों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए उन्होंने बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर स्थित महिला पीएसी बटालियन परिसरों में क्रमशः वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी, वीरांगना ऊदा देवी और वीरांगना झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने आगामी मानसून के दृष्टिगत बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीआरएफ को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खोज एवं बचाव कार्यों के लिए ह्यूमन लिफ्टिंग ड्रोन की उपयोगिता पर विचार करने को कहा।
मुख्यमंत्री जी ने एसएसएफ में तैनाती के लिए मानकीकरण के निर्देश दिए तथा कहा कि राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रणालियों को अपनाते हुए प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता को और मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, तकनीकी उन्नयन, प्रशिक्षण अवसंरचना विकास तथा मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण से जुड़े सभी प्रस्तावों एवं परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।




