रामलला को तिलकोत्सव में मिला सोने का हार, हाथ घड़ी:अयोध्या में जनकपुर के 500 मेहमानों ने गिफ्ट दिए; चंपत राय को सुनाईं मधुर गालियां
अयोध्या में आज, सोमवार को भगवान श्रीराम का तिलकोत्सव हुआ। तिलक चढ़ाने के लिए मां सीता के मायके जनकपुर से 500 से ज्यादा मेहमान अयोध्या पहुंचे थे। साथ में 501 प्रकार का नेग भी लाए। सीता जी की सखियां, जिन्हें ‘तिलकहरू’ कहा जाता है, रामलला के लिए विशेष नेग लेकर आईं।
भव्य महल में विराजमान होने के बाद यह पहला तिलकोत्सव था, इसलिए आयोजन भी भव्य तरीके से मनाया गया। तिलक जनकपुर में जानकी मंदिर के छोटे महंत राम रोशन दास ने चढ़ाया। वे मां सीता के छोटे भाई मंगलदेव की भूमिका में रहे। रामसेवकपुरम में वेदज्ञ आचार्यों ने मंत्रोच्चार किया। भगवान राम के स्वरूप में बालक को सिंहासन पर बैठाकर रस्में निभाई गईं।
मंगलदेव ने भगवान राम को गले का हार, हाथ की अंगूठी, सोने की जंजीर, तांबे, कांसे और फूल के बर्तन, चांदी की अंगूठी, चांदी के 5 सुपारी, पांच चांदी का सिक्का, चांदी के पान के पत्ते, रेशम के वस्त्र, फल-फूल, मिठाई भेंट की।
राजा दशरथ की भूमिका में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय रहे। उन्हें सखियों ने मंगल गालियां सुनाई। अयोध्या की महिलाओं की टोली ने अवधी गीत गाई।
कार्यक्रम में नेपाल के जनकपुर मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह अपने मंत्रियों के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा विशिष्ट अतिथि के रूप में जनकपुर के मेयर मनोज कुमार शाह नेपाल के अन्य तीन मेयर के साथ मौजूद रहे।






