मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज आकाशवाणी लखनऊ के 89 वें स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने आकाशवाणी की 88 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पूर्ण होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आकाशवाणी जनसंवाद, जनजागरण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम रहा है तथा आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है
आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ विशेष रूप से प्रेरणादायक प्रतीत होती है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 3 अक्टूबर 2014 से इसे प्रारंभ किया और अब तक 132 एपिसोड के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को सामने रखा है।

प्रधानमंत्री जी द्वारा देश के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों का स्वयं उल्लेख कर उनकी सराहना करना और देशवासियों से परिचित कराना, अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है।
जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां आकाशवाणी जरूर पहुंच जाती थी- चाहे गांव हो या शहर।

यह आजादी से पहले की यात्रा है। जब देश स्वतंत्र नहीं हुआ था, तब ‘वंदे मातरम्’ की पहली धुन आकाशवाणी, लखनऊ से प्रसारित की गई थी और वहीं से इसका गायन भी हुआ था।
मैं आकाशवाणी लखनऊ केंद्र और प्रसार भारती को धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने अपने पुराने नींव के पत्थरों का स्मरण किया है और उत्तर प्रदेश की विभूतियों को सम्मानित किया है।

वास्तव में यह सम्मान उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता का भी सम्मान है, क्योंकि इनका जो कंट्रीब्यूशन है, वह अपने लिए नहीं, प्रदेश के लिए है, देश के लिए है, विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए है।

आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना था, यह हम लोगों ने बचपन में देखा और सुना। थोड़ा बड़े हुए तो देश और दुनिया के अंदर क्या हो रहा है… यह खबर आकाशवाणी के अलग-अलग समय में चलने वाले बुलेटिन के माध्यम से ही प्राप्त होती थी। उसमें भाषा की शुद्धता भी थी, समाचार की गुणवत्ता भी थी और उसमें सच्चाई भी झलकती थी।




